ये वक़्त ... :)

This one is dedicated to my friend 
And my dear friend wants the time to stop for a while :-)
I wish if it did :-)

हवा के झोंके सा, धीमे से दिल से टकरा जाएगा ..
हलकी सी फूँक से तमन्ना-ए-दिल सुलगा जाएगा ..
ये वक़्त रात की ख़ामोशी सा, तूफान चला जाएगा ..
जाने क्या क्या दिखाया, जाने क्या क्या दिखलायेगा ..
ये वक़्त ... :)

Cheers!!

Comments

  1. वाह वाह !! वामसी हमेशा की तरेह HARDCORE ~~ !! आपके अगले शेर का इंतज़ार है ~~

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